मगदल्ला हजीरा और डुमस घाटों पर बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन*
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अनंत चतुर्दशी पर सूरत में उमडा आस्था का सैलाब
*मगदल्ला हजीरा और डुमस घाटों पर बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन*
कांतिलाल मांडोत
सूरत 25 सितम्बर
दस दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ गणपति बप्पा की आराधना के बाद शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी पर सूरत में गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को ढोल-नगाड़ों और बैंडबाजों के साथ श्रद्धालु विसर्जन के लिए लेकर निकले। सुबह से ही गणपति प्रतिमाओं की विदाई शुरू हो गई और देर रात तक शहर के प्रमुख मार्गों पर गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने मगदल्ला, हजीरा और डुमस क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
गणपति विसर्जन को लेकर शहर में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। जैसे-जैसे अनंत चतुर्दशी नजदीक आई, वैसे-वैसे शहर के प्रमुख मार्गों और गणेश मंडपों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। शुक्रवार को सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं को वाहनों में सवार कर विसर्जन स्थलों की ओर ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच श्रद्धालु अपने आराध्य को भावभीनी विदाई देते नजर आए।
बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मगदल्ला और हजीरा क्षेत्र में विशेष इंतजाम किए गए हैं। हजीरा में भारी प्रतिमाओं को सुरक्षित रूप से विसर्जन स्थल तक पहुंचाने के लिए नौ प्लेटफॉर्म और 13 से अधिक क्रेन की व्यवस्था की गई है। प्रतिमाओं को उठाने और समुद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विसर्जन स्थल और आसपास के मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है। रात के समय श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए 600 से अधिक एलईडी लाइटें लगाई गई हैं।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं। दमकल विभाग की तीन से अधिक नावें तैनात की गई हैं। समुद्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बचाव दल को भी सक्रिय रखा गया है। भारी प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान क्रेन संचालन और समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। विसर्जन मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
सूरत में इस बार बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। प्रशासन ने शहर के सभी नौ जोन में कृत्रिम विसर्जन तालाब तैयार किए हैं। इन तालाबों में बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। बताया गया है कि करीब एक लाख प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी की गई है, जिनमें लगभग 20 हजार बड़ी प्रतिमाएं समुद्र में विसर्जित की जाएंगी। वहीं 90 हजार से अधिक छोटी और मध्यम प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया जाएगा।

विसर्जन का सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक जारी रहेगा और कई स्थानों पर यह क्रम तड़के चार बजे तक चलने की संभावना है। गणेश मंडलों ने प्रतिमाओं की विदाई के लिए विशेष शोभायात्राओं की तैयारी की है। अलग-अलग क्षेत्रों से निकलने वाली विसर्जन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ गणपति प्रतिमाओं को विदाई दी जाएगी।
भागल चौराहे सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़ी गणेश प्रतिमाओं की एक साथ मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली विसर्जन यात्राओं के कारण शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए बप्पा को विदाई देंगे। गणेश मंडलों ने भी विसर्जन यात्रा को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अपने स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं।
इस बार गणपति विसर्जन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। कृत्रिम तालाबों में विसर्जन की व्यवस्था का उद्देश्य समुद्र और प्राकृतिक जलस्रोतों को सुरक्षित रखना है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों का उपयोग करें और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री को जलस्रोतों में न डालें। गणपति प्रतिमा को मिट्टी का प्रतीक मानने वाले श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन प्रकृति में पुनः समर्पण का अवसर भी है।
दस दिनों की आराधना के बाद बप्पा की विदाई के दौरान शहर में भावनाओं का अलग ही माहौल देखने को मिलेगा। कहीं श्रद्धालु ढोल की थाप पर नाचते नजर आएंगे तो कहीं परिवार और गणेश मंडल के सदस्य नम आंखों से प्रतिमा को विदाई देंगे। गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन की तैयारियों और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच अनंत चतुर्दशी पर सूरत में गणपति विसर्जन का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा।
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