संवत्सरी पर क्षमा और आत्मशुद्धि का संदेश,* *जप-तप साधना के साथ तपस्वियों ने लिया त्याग का संकल्प*
2
रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि की कामना से विधिवत हुई गणपति आराधना*
3
मधुर वाणी और विनय से परिवार में उतरता है सुख पर्युषण के सातवें दिन* *धर्मसभा में आत्मचिंतन और सद्भावना की सीख*
4
तप से तन नहीं मन शुद्ध होता है पर्युषण में संस्कारों की सीख*
5
पर्युषण के पांचवें दिन गोगुंदा में गूंजा भगवान महावीर के जन्म कल्याणक का जयघोष*
|
विज्ञापन बॉक्स(विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
|