क्षमा भाव से हुआ पर्युषण का समापन मन वचन कर्म की भूलों के लिए मांगी क्षमा*
2
संवत्सरी पर क्षमा और आत्मशुद्धि का संदेश,* *जप-तप साधना के साथ तपस्वियों ने लिया त्याग का संकल्प*
3
रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि की कामना से विधिवत हुई गणपति आराधना*
4
मधुर वाणी और विनय से परिवार में उतरता है सुख पर्युषण के सातवें दिन* *धर्मसभा में आत्मचिंतन और सद्भावना की सीख*
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तप से तन नहीं मन शुद्ध होता है पर्युषण में संस्कारों की सीख*
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