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भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बांधने का सामर्थ्य रखने वाली भाषा संस्कृत है : प्रोफेसर योगेंद्र कुमार भानु

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भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बांधने का सामर्थ्य रखने वाली भाषा संस्कृत है : प्रोफेसर योगेंद्र कुमार भानु

कांतिलाल मांडोत
उदयपुर 31अगस्त 2026

राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर के भारतीय ज्ञान परंपरा नोडल केंद्र एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत सप्ताह के समापन के अवसर पर महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर के अकादमिक डीन प्रोफेसर योगेंद्र कुमार भानु ने “संस्कृत वांग्मय, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं दार्शनिक प्रस्थान” विषय पर अपना व्याख्यान दिया ।
महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर अंजना गौतम ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र एवं संस्कृत विभाग द्वारा ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना भावी पीढ़ी के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृत भाषा के महत्व को आगे बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण है । उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में संस्कृत भाषा के महत्व के बारे में बताया l
कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा नोडल केंद्र के समन्वयक प्रोफेसर नवीन कुमार झा ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि भारतीय धर्म, संस्कृति और ज्ञान परंपरा परस्पर समन्वय के साथ भारत के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं ।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर योगेंद्र कुमार भानु ने अपने उद्बोधन में जीवन में भाषा के महत्व को दर्शाते हुए कहा कि भाषा जीवन में संप्रेषण का महत्वपूर्ण माध्यम है , भाषा परस्पर जोड़ने का कार्य करती है । उनके अनुसार भाषा राष्ट्र का प्राण है ,जो राष्ट्र को एकजुटता के सूत्र में बांधने का कार्य करता है । प्रोफेसर भानु ने कहा कि एक राष्ट्र को एकजुटता के सूत्र में बांधे रखने का सामर्थ्य संस्कृत भाषा में है । उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व के संदर्भ में कहा कि संविधान निर्माण के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संस्कृत को राजभाषा के रूप में रखने का प्रस्ताव रखा था l उन्होंने कहा कि दुनिया के समस्त भाषा वैज्ञानिकों के अनुसार संस्कृत सर्वाधिक समृद्ध भाषा है ।
इस अवसर पर संस्कृत विभाग द्वारा संस्कृत विषय में उन्नत प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन भारतीय ज्ञान परंपरा नोडल केंद्र के सह समन्वयक प्रोफेसर सुशील निंबार्क द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की विज्ञान वर्ग की छात्रा मीमांसा परसाई द्वारा किया गया । कार्यक्रम में प्रोफेसर अंजना, प्रोफेसर चंदनबाला मारु, प्रोफेसर प्रीति भट्ट, डॉ. सावित्री पाटीदार , डॉ. सुनीता आर्य, डॉ. सरोज कुमार , डॉ. कैलाश नागर, डॉ प्रवीण टांक, डॉ मुकेश व्यास, डॉ मुकेश मेहता, प्रोफेसर डी.के. मीणा, डॉ. जितेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. प्रहलाद धाकड़ , प्रोफेसर ज्योति गौतम, डॉ. श्रुति टंडन, डॉ. वैशाली देवपुरा , प्रोफेसर शिवे शर्मा सहित महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य एवं बड़ी मात्रा में महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रही ।

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