नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9974940324 8955950335 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , *गोगुन्दा में गवरी नृत्य देखने उमड़ा जन सैलाब,विजय वावड़ी के कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां,बारिश में डटे रहे दर्शक* – भारत दर्पण लाइव

*गोगुन्दा में गवरी नृत्य देखने उमड़ा जन सैलाब,विजय वावड़ी के कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां,बारिश में डटे रहे दर्शक*

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

*गोगुन्दा में गवरी नृत्य देखने उमड़ा जन सैलाब,विजय वावड़ी के कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां,बारिश में डटे रहे दर्शक*
कांतिलाल मांडोत
गोगुन्दा 19 सितंबर
गोगुन्दा क्षेत्र में इन दिनों गवरी की धूम मची हुई है।सायरा के तरपाल गांव में गवरी नृत्य ने दिन व रात में ग्रामीणों को अपनी ओर आकृषित किया।गवरी नृत्य के कलाकारों ने अपनी उमदा प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।उल्लेखनीय है कि तरपाल में प्रथम गवरी का मंचन लोगो को भा गया।आसपास सहित गांव के लोगो मे गवरी को लेकर भारी उत्सुकता थी।गवरी आने की बात सुनते ही बच्चों ने चौराहा पर अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए कट्टे व बोरिया बिछा दी गई।40 दिनों तक गवरी के मंचन एवं व्रत नियमो के पालन में बड़ी सावधानी रखने वाले कलाकारों के लिए हरी सब्जियां वर्जनीय मानी गई है।

40 दिनों तक ब्रह्मचर्य एवं सादा भोजन कर माता गोरजय्या की उत्तम साधना मानी जाती है।विजय वावड़ी की गवरी ख्यातनाम है।आज गवरी नृत्य में अनेक प्रकार के संवाद से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया।गवरी नृत्य में राई माता एवं गोरजय्या के भोपा ने अहम भूमिका निभाई।अनेक तरह के परिवेश में कलाकारों ने नृत्य एवम लौकिक नृत्य से मनोरंजन कर दर्शकों को रात दो बजे तक बांध कर रखा।गवरी नृत्य में मनोरंजन का प्रमुख माध्यम रहा है।

बंजारा कालका चोर सिपाही मीणा कानगुजरी कालू कीर देवी अम्बाव खेतुड़ी जैसे खेल से दर्शक हंस हंसकर लोटपोट हो गए।उपरोक्त खेलो को ग्रामीणों ने बड़े चाव से देखा।गवरी का खेल मनोरंजन ही नही है बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा होने और देवताओं का भेख होने की वजह से ग्रामीण परम्परा से कलाकरों को स्वागत करते आ रहे है।बालक एवं वृद्ध तक लोगो मे गवरी को लेकर क्रेज बरकरार है।खेडल्या बहुत बंजारा बंजारन एवं मीणा गुजरी आदि खेलो से ग्रामीण अभिभूत नजर आए।इस अवसर पर भगवतसिंह राणावत गोविंदसिंह राणावत बाबूलाल सुथार खुमानसिंह कुम्भावत रामसिंह कुम्भावत नानालाल सुथार भरत सोनी हिमत भोगर पारस भोगर टिके बाला मिठालाल टेलर भेरूलाल बम्बोरी एवं विजय वावड़ी की कुँवाई बाबूसिंह कुम्भावत की पुत्रवधू एवं परबतसिंह बाबूसिंह राजपूत की और से स्वागत ओर गवरी कलाकारों के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई।नंगाजी का गुड़ा भादरवा फुटिया गवरी का भीलवाड़ा लवारिया एवं आसपास के सभी क्षेत्रों से लोगो का आवागमन हुआ।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

September 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930