भारत की बढ़ती साख से अमेरिका के पेट मे दर्द,नही पचा पा रहा है भारत की आर्थिक सिद्धि*
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*भारत की बढ़ती साख से अमेरिका के पेट मे दर्द,नही पचा पा रहा है भारत की आर्थिक सिद्धि*
अमेरिका दुनिया की महासत्ता है।अमेरिका के स्थान पर किसी दूसरे देश की प्रतिस्थापन हो जाती है तो अमेरिका बर्दास्त कैसे कर सकता है।भारत की बढ़ती ताकत को अमेरिका पचा नही पा रहा है।इसलिए आप रेशन सिंदूर में अमेरिका ने मध्यस्थता कर आतंकी हमले को रुकवाने की भरपूर कोशिश की गई।अमेरिका छुपा रुस्तम है।अमेरिका की ताकत की प्रशंसा हर देश करता है।आर्थिक समृद्धि से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और सैन्य ताकत में अमेरिका का कोई सानी नही है।
अमेरिका उन देशों से अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है,जिन देशों में आतंकी सरंक्षण मिल रहा है।पाकिस्तान, बंगलादेश और तुर्किये हमारे दुश्मन देश है,जबकि अमेरिका भारत को अपना दोस्त कहता है और ऊपर से इन देशों से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकियों ने पहलगाम में टूरिस्टों पर हमले कर निर्दोष लोगो को मौत की नींद में सुला दिया। दूसरे दिन अमेरिका ने सैनिकों के हाथ बांधने की चाल चली।उस समय तो कोई कुछ विचार करे,उसके पूर्व आपरेशन सिंदूर को रोक दिया गया।उपरोक्त तीनो देशों के साथ अमेरिका के करीबी लोग पींगे बढ़ा रहे है।यह भारत के लिए धोखा है।
जिन देशों के साथ अमेरिका सहयोग करने के लिए उतावला हो रहा है,उसी देश मे आतंकी पल रहे है।पाकिस्तान में ट्रंप की दिलचस्पी केवल क्रिस्टो करेंसी तक ही सीमित नही है।अमेरिका पाकिस्तान को बहुत कुछ देना चाहता है।और उस रुपए का इस्तेमाल आतंकवाद पर खर्च करना चाहता है।जनवरी में डोनाल्ड का बेटा जूनियर डोनाल्ड के दोस्त ने पाकिस्तान का दौरा किया था।पाकिस्तान में दुर्लभ खनिज ,तेल,गैस और रियल स्टेट का भरपूर भंडार है।उसका सौदा किया जा सकता है।इससे कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप का मन पसीज गया और पाकिस्तान को सहयोग करने के लिए तैयार हो रहा है।आपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका सहित कोई देश भारत के साथ खड़ा नही था।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैंटी बीच से दो बार मुलाकात कर चुके है।इसलिए शहबाज शरीफ ने सबसे पहले अमेरिका से मदद के लिए दरवाजा खटखटाया।अमेरिका को कोई देश मदद नही करता है,जबकि अमेरिका पाकिस्तान की मदद के लिए राजी हो गया है।
उसके पीछे दुर्लभ खजाना है,जिसको प्रकृति ने खूब लुटाया है।जैंटीबीच ने बंगलादेश की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस से भी मुलाकात की थी।भारत के दुश्मन देशों को घास डालने के लिए भारत का अच्छा और विश्वसनीय दोस्त अमेरिका अगर इस तरह से भारत के साथ मैत्री सम्बन्धो को ताक पर रख सकता है तो पाकिस्तान जैसे देश भारत मे धांधली करते है तो कोई बड़ी बात नही है। कथनी और करनी में समानता नही है। पाकिस्तान के संस्कारों में ही गद्दारी विधमान है।बंगलादेश में भारी खनिज एरोस्पेस और रियल स्टेट में भारी एफडीआई लाने की फिराक में है।भारत और अमेरिका की दोस्ती में उस समय दरार पड़ेगी,जिस दिन इन दुश्मन देशों को घास डालना शुरू करेगा।अमेरिका दगाबाज देश है।अपने स्वार्थ के लिए यूक्रेन और रूस को लड़ाने वाले पर भारत भले ही भरोसा कर ले,लेकिन अमेरिका किसी का सगा नही है।अपने कारोबार के लिए जानेजाते डोनाल्ड ट्रंप किसी की नही सुनते है।भारत और अमेरिका की दोस्ती की मिसाल भले ही दी जाए,लेकिन अमेरिका भारत के साथ धोखा ही करेगा।
तेल और खनिज स्थापित करने के लिए इस्ताम्बुल में हस्ताक्षर किए गए।गौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल के लक्ष्य इस्लामाबाद को दक्षिण एशिया की क्रिप्टो राजधानी बनाना है।लिबर्टी फाइनेंसियल के शेर धारकों में ट्रंप के दो बेटे भी शामिल है।वाइट हाउस के सम्बन्धो का फायदा उठाकर डोनाल्ड ट्रम्प पर आरोप लगे है।जिसका दुनिया मे अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रम्प को प्रेसीडेंट कम और व्यापारी ज्यादा समझते है। भारत की विदेश नीति की दुनिया मे सराहना की जाती है।प्रधानमंत्री मोदी ने इन देशों के साथ द्विपक्षीय सम्बन्ध स्थापित कर एक उपलब्धि हासिल की है।।मोदी ने कई देशों का दौरा कर मैत्रीपूर्ण सम्बंध स्थापित किये है।आज दुनिया भारत की कायल है।दुनिया भारत को देख रही है

*कांतिलाल मांडोत*
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