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धर्म का अर्थ है निष्पक्ष न्यायपूर्ण दृष्टि का सर्जन*

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*धर्म का अर्थ है निष्पक्ष न्यायपूर्ण दृष्टि का सर्जन*

व्यक्ति के सम्पूर्ण चरित्र का निर्माण उसकी दृष्टि पर आधारित होता है।जीवन दृष्टि का निर्माण संस्कार वातावरण और परिस्थिति के अनुसार होता है।आज व्यक्ति चरित्र इसलिए विकृत है कि व्यक्ति की जीवन दृष्टि स्पष्ट और निर्दोष नही है।सदाचरण या सच्चरित्र का निर्माण व्यक्ति के अपने दृष्टिकोण से ही होंगे।आज हिन्दू और हिन्दू धर्म के बारे में टिप्पणियों से पूरा हिन्दू समाज आहत है।भगवान राम को काल्पनिक बताकर हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाई जा रही है।

राम राम ही थे।उनके जैसा कोई महापुरुष नही हुआ।भारत की महान संस्कृति आस्था और विश्वास पर आधारित है।विदेश में प्रतिपादित हुई भोगवादी संस्कृति आज भारतीय संस्कृति के उचच मानदंडों को खंडित करने को तत्पर है।शील,नैतिकता और सामाजिक सभ्यता के मूल्य निरन्तर टूटते जा रहे है।आज पुरानी महान संस्कृति और भगवान राम को काल्पनिक बता कर हिन्दू आस्था पर कुठाराघात करने वाली कांग्रेस को लाज नही आती है।अमेरिका यात्रा में राहुल ने राम को काल्पनिक बताकर चारो तरफ से घिर चुके है।पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा प्रतिपक्ष के नेता राहुल ने राम को काल्पनिक बता कर देश दुनिया के करोड़ो हिंदुओ की आस्था को चोट की है।

राहुल गांधी को भाजपा ने रामद्रोही बताते हुए कहा कि इटली के चश्मे से राम नही दिखते है।कांग्रेस की सरकार और मनमोहनसिंह के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में भगवान राम का अस्तित्व नकारने वाली कांग्रेस ने रामसेतु तोड़ने का समर्थन किया था।कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति में इतनी उलझ गई है कि उनको भगवान राम के अस्तित्व पर शंका की नजर से देखा जा रहा है। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में राहुल ने भगवान राम को काल्पनिक बताया।आस्था एक शक्ति है यही जीवंतता प्रदान करती है।धर्म सम्प्रदायो को सोचना चाहिए कि कोई धर्म सम्प्रदाय किसी धर्म सम्प्रदाय का शत्रु नही है।लेकिन राजनैतिक दल अपनी रोटियां सेंकने और तुष्टिकरण की नीतियों को सिर पर हावी कर राम को नकारने वाले क्या किसी अन्य धर्म पर टिप्पणी कर सकते है।हिन्दू धर्मावलंबियों ने सहिष्णुता कूट कुट कर भरी है।इसी का फायदा तुच्छ स्वार्थ के ठेकेदार धर्म पर अंगुली निर्देश कर वोट बैंक खड़ी करना चाहते है।यह कांग्रेस की घटिया मानसिकता है।

भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि भगवान राम का अपमान करना कांग्रेस की फितरत बन गई है।अब वह रामद्रोही का असली चेहरा दुनिया के समक्ष आ गया है।भाजपा ने कहा कि राहुल को हिन्दू नही माने और राहुल को मन्दिर में प्रवेश वर्जित किया जाए।आस्था नही होगी तो धर्म कहा रहेंगे।सत्य अहिंसा और अनेकान्त इस महान संस्कृति के अंतर्निहित तत्व है।कांग्रेस को राहुल के दिए बयान पर सफाई प्रस्तुत करनी चाहिए।

     

                       *कांतिलाल मांडोत*

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