नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9974940324 8955950335 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , खेल महाकुंभ: 34 खेलों में हिस्सा के लिए सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 4.70 लाख खिलाड़यों ने एंट्री करवाई – भारत दर्पण लाइव

खेल महाकुंभ: 34 खेलों में हिस्सा के लिए सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 4.70 लाख खिलाड़यों ने एंट्री करवाई

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

खेल महाकुंभ: 34 खेलों में हिस्सा के लिए सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 4.70 लाख खिलाड़यों ने एंट्री करवाई
सूरत 19 अक्टूम्बर
कांतिलाल मांडोत
खेल महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए बुधवार अंतिम दिन था। सूरत में 34 खेलों में हिस्सा लेने के लिए 4.70 लाख छात्रों, शिक्षकों और नागिरकों ने एंट्री करवाई है। इसमें सूरत शहर से 2.90 लाख और ग्रामीण से 1.80 लाख खिलाड़ी हैं। खिलाड़ियों के उत्साह को देखते हुए साइट को फिर से ओपन कर दिया गया है। राज्य सरकार खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए हर साल खेल महाकुंभ का आयोजन करती है। इसमें छात्रों के साथ आम जनता भी हिस्सा ले सकती है। इसके लिए सबसे पहले खेल महाकुंभ की वेबसाइट पर एंट्री करवानी होती है। 18 अक्टूबर, बुधवार को एंट्री करवाने की आखिरी तारीख थी। सूरत शहर में प्राइवेट, सरकारी स्कूल और आम जनता समेत 2.90 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्रों से 1.90 लाख समेत 4.70 लाख लोगों ने एंट्री करवाई है।
बता दें, शिक्षक संघ पुरानी मांगों को लेकर खेल महाकुंभ और विज्ञान मेले का विरोध किया था, पर संघ ने बुधवार को अपना आंदोलन वापस ले लिया। माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षाधिकारी से खेल महाकुंभ की साइट दोबारा खोलने की मांग की थी। जिसे ध्यान में रखते हुए साइट को फिर से ओपन किया गया है। सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक ग्रांटेड स्कूलों के छात्र और शिक्षक खेल महाकुंभ में एंट्री करवा सकते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031