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*मातारानी की भक्ति और लगन में सराबोर एक भक्त ने नौ दिवसीय उपवास रखकर रावलिया खुर्द के अवानी गांव में सिर पर ज्वारे उगाए*क्षेत्र में बढ़ा कौतूहल

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Itमातारानी की भक्ति और लगन में सराबोर एक भक्त ने नौ दिवसीय उपवास रखकर रावलिया खुर्द के अवानी गांव में सिर पर ज्वारे उगाए*क्षेत्र में बढ़ा कौतूहल

कांतिलाल मांडोत
गोगुन्दा 16 अप्रैल
अटूट श्रद्धा और भक्ति की पराकाष्ठा व्यक्ति को हर बार नया करने की प्रेरणा देती है।अपने इष्टदेव को खुश करने के लिए अनेक प्रकार की योगसाधना करते है जो चमत्कार से कम नही होती है।ऐसा ही चमत्कार गोगुन्दा तहसील के रावलिया खुर्द पंचायत के अवानी गांव में देखने को मिला,जिसकी मिसाल देना वाकई अजीबोगरीब है।

गांव के गोरज्जीया माता मंदिर में देखनेको मिल रही है, जहां नवरात्रि में मातारानी को खुश करने के लिए माता का एक भक्त प्रकाश महाराज ने अपने सिर पर जवारे उगाये है। इस कठिन तपस्या के पीछे भक्त की इच्छा है कि माता की अपार कृपा अपने भक्तों पर बनी रहे और देश में सुख सम्रद्धि एवं शांति बनी रहे। अवाणी गांव में स्थित गोरज्जीया माता मंदिर जो आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बनाहुआ है। मातारानी मन्दिर परिसर सैकड़ो भक्तों की आवाजाही का साक्षी बना हुआ है।अष्ठमी के हवन और पूजन के लिए मन्दिर दर्शन के लिए आए भक्तजन दर्शन कर धन्य हो गए। जहां शारदीय नवरात्र व चैत्र नवरात्र में दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ लगती हैं।भक्त माता के दर्शन कर मनोकामनाएं पूर्ण करने की कामना करते है।लिहाजा, भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती भी हैं। उपरोक्त मंदिर की एक खास विशेषता है कि सर्पदंश के काटने पर कोई भी मंदिर पहुंचता है उसके शरीर से जहर लुप्त हो जाता है, उतर जाता है। फलश्रुति है कि चैत्र नवरात्रि के शुरुआत से ही प्रकाश महाराज ने सिर पर जवारे उगाए हैं। जो माता की शक्ति और भक्ति के संगम से ज्वारे नवपल्लवित हुए है ।ज्यारे बड़े-बड़े हो गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महाराज ने अन्न का त्याग करके प्यास लगने पर सिर्फ एक दो चम्मच पानी पीकर तपस्या शुरू की है।

 

रामनवमीके दिन इन जवारों का विधि विधान के साथ नदी में विसर्जन किया जाएगा।वही माता की भक्ति में लीन भक्त को देखने के लिए दूर व आसपास के गांवसे श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वही माता के मंदिर में ग्रामीण भक्ति आराधना भी कर रहे हैं

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