सूरत से ऊर्जा विकास का महाअभियान, पीएम मोदी आज देंगे 18,778 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
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सूरत से ऊर्जा विकास का महाअभियान, पीएम मोदी आज देंगे 18,778 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
4,950 करोड़ की ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण, नवसारी में विश्व के सबसे बड़े डिजिटल सबस्टेशन की शुरुआत; सड़क, बिजली और औद्योगिक ढांचे को मिलेगी नई मजबूती
कांतिलाल मांडोत
सूरत 5 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को सूरत और दक्षिण गुजरात को विकास की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 18,778 करोड़ रुपए की 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें ऊर्जा, सड़क, औद्योगिक अवसंरचना, स्वास्थ्य तथा शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कुल निवेश का बड़ा हिस्सा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है, जिससे गुजरात की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री विशेष रूप से ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग तथा पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की 4,950 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नवसारी में स्थापित विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल सबस्टेशन है, जिसे भारत के विद्युत प्रसारण क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना गुजरात को राष्ट्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत बनाएगी।
पावर ग्रिड द्वारा सूरत और आसपास के क्षेत्रों में 4,546 करोड़ रुपए की लागत से विकसित ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार परियोजना के तहत नवसारी से महाराष्ट्र के पदघे तक 765 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन तथा नवसारी से मगरवाड़ा और काला तक 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया गया है। इस परियोजना से गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में उत्पादित बड़ी मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च क्षमता वाले विद्युत प्रवाह को अधिक विश्वसनीय और सुचारु बनाया जा सकेगा।
दक्षिण गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड (डीजीवीसीएल) द्वारा वलसाड जिले में 324.19 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई विद्युत वितरण सुदृढ़ीकरण परियोजना का भी लोकार्पण किया जाएगा। रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत लागू इस परियोजना में एबी केबलिंग, नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना, क्षमता विस्तार, पुराने कंडक्टरों का प्रतिस्थापन और फीडर बाइफरकेशन जैसे कार्य शामिल हैं। इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा लो-वोल्टेज, ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग और विद्युत व्यवधान जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सड़क और परिवहन क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं का भी उद्घाटन होगा। बड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के सूरत और नवसारी खंडों सहित अनेक परियोजनाएं यातायात को सुगम बनाने और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अतिरिक्त दहेज पीसीपीआईआर, औद्योगिक पार्क, सीईटीपी विस्तार, एसटीपी उन्नयन और स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन सूरत के पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। प्रधानमंत्री यहां 4,852 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें नर्मदा जिले की चामसिया-सोयी फोरलेन सड़क, सूरत-तापी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं, रीजनल साइंस सेंटर तथा हजीरा क्षेत्र की आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप दिया गया है। सजावट में प्लास्टिक और थर्मोकॉल का उपयोग नहीं किया गया है। आदिवासी कलाकारों की पारंपरिक कलाकृतियों, पुनर्चक्रित कपड़ों से निर्मित स्टेज बैकड्रॉप और रिसाइकल सामग्री से तैयार शिल्पकृतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। पांच हजार से अधिक नागरिकों की कलाकृतियों से सजे हैंड-पेंटेड होर्डिंग्स और इको-फ्रेंडली रंगोलियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कार्यक्रम स्थल और शहर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यातायात प्रबंधन, पार्किंग और अतिथियों की सुविधाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से गुजरात में ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलेगी तथा “विकसित गुजरात से विकसित भारत” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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