रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि की कामना से विधिवत हुई गणपति आराधना*
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गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा तक्षशिला रो हाउस
*रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि की कामना से विधिवत हुई गणपति आराधना*
कांतिलाल मांडोत
सूरत 15 सितम्बर 26
देशभर में इन दिनों गणपति महोत्सव की धूम है। शहरों से लेकर गांवों तक और गली-मोहल्लों से लेकर घरों तक गणपति बप्पा की स्थापना कर श्रद्धालु भक्ति और आस्था के साथ पूजा-अर्चना में जुटे हुए हैं। कहीं दो दिन तो कहीं तीन, चार या पांच दिन तक गणपति की स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद विसर्जन करने की परंपरा निभाई जा रही है। गणपति महोत्सव अब केवल किसी एक क्षेत्र या राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व बनता जा रहा है।

गणपति उत्सव के दौरान घरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन, कथा और सत्यनारायण भगवान की पूजा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालु परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ण होने की कामना के साथ गणपति बप्पा की आराधना कर रहे हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले और शुभ कार्यों के आरंभ के देवता हैं। इसी विश्वास के साथ लोग अपने घरों में गणपति की स्थापना कर पूरे परिवार के साथ श्रद्धा और भक्ति से पूजा करते हैं।
गुजरात में भी गणपति महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। घर-घर में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और सुबह-शाम आरती तथा पूजा-अर्चना का दौर चल रहा है। अनेक परिवारों की ओर से विद्वान पंडितों को आमंत्रित कर विधिवत पूजा, कथा और हवन का आयोजन किया जा रहा है। घरों में गणपति की स्थापना के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया है और भगवान गणेश के जयकारों से श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हो रहा है।
इसी धार्मिक और पारिवारिक आस्था की झलक सूरत के अल्थान हाईवे स्थित तक्षशिला रो हाउस में देखने को मिली, जहां एक परिवार की ओर से श्रद्धापूर्वक गणपति बप्पा की स्थापना की गई। गणपति स्थापना के अवसर पर विद्वान पंडित के सानिध्य में विधिवत पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। परिवार के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भगवान गणेश का पूजन कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।
इस अवसर पर माता ने अपने तीनों पुत्रों और बहुओं के परिवार की खुशहाली तथा आशीर्वाद स्वरूप गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करवाई। परिवार में हमेशा सुख-शांति बनी रहे, रिद्धि-सिद्धि का वास हो और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, इस भावना के साथ हवन एवं पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के दौरान परिवार के सदस्यों ने भगवान गणेश के समक्ष श्रद्धा भाव से अपनी प्रार्थना रखी और घर-परिवार में प्रेम, सौहार्द और खुशियों की कामना की।
पूजा-अर्चना में परिवार के दो भाई पुत्र रजत एवं मयूर विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने विधिवत पूजा में बैठकर गणपति बप्पा की आराधना की। परिवार के एक अन्य पुत्र मोहित की धर्मपत्नी भी इस धार्मिक आयोजन में उपस्थित रहीं। परिवार की महिलाओं ने भी पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चांदनी, ज्योति और बिना ने धार्मिक आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए पूरे उत्साह के साथ गणपति बप्पा की आराधना की।
पूजा के दौरान घर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। हवन की सुगंध और मंत्रोच्चार के बीच परिवार के सदस्यों ने गणपति बप्पा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भगवान गणेश के जयकारे लगाए गए, जिससे तक्षशिला रो हाउस की चारदीवारी गूंज उठी। परिवार के बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में गणपति महोत्सव को लेकर उत्साह देखने को मिला।
गणपति महोत्सव की विशेषता यही है कि यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ परिवारों को भी एकजुट करने का अवसर प्रदान करता है। व्यस्त जीवनशैली के बीच जब परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर पूजा-अर्चना करते हैं तो आपसी प्रेम और अपनापन भी मजबूत होता है। गणपति बप्पा की स्थापना के साथ घर में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है और परिवार के सदस्य मिलकर धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं। यही कारण है कि गणपति उत्सव का स्वरूप लगातार व्यापक होता जा रहा है।
तक्षशिला रो हाउस में भी गणपति स्थापना का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे परिवार के लिए एक भावनात्मक और आनंदमय अवसर बन गया। परिवार के सदस्यों ने एक साथ भगवान गणेश की पूजा कर सुख, शांति, रिद्धि-सिद्धि और समृद्धि की प्रार्थना की। माता ने अपने तीनों पुत्रों के परिवार की खुशियों और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ पूजा-अर्चना करवाई। इस दौरान परिवार में श्रद्धा, उत्साह और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।
गणपति महोत्सव भारतीय संस्कृति में आस्था, श्रद्धा और पारिवारिक एकता का प्रतीक बनकर उभरता है। गणपति बप्पा की स्थापना से लेकर विसर्जन तक श्रद्धालु पूरे मनोयोग से धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हैं। घर में स्थापित गणपति को परिवार का सदस्य मानकर उनकी सेवा और आराधना की जाती है। पूजा के माध्यम से लोग अपने जीवन से विघ्न-बाधाएं दूर होने और परिवार में सुख-समृद्धि कायम रहने की कामना करते हैं।
सूरत के तक्षशिला रो हाउस में आयोजित गणपति स्थापना भी इसी गहरी आस्था और पारिवारिक परंपरा का सुंदर उदाहरण बनी। विधिवत पूजा, हवन, मंत्रोच्चार और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच परिवार के सभी सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक आराधना की। पूरे आयोजन में भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला। गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजता घर परिवार की एकजुटता, श्रद्धा और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता नजर आया।
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