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नांदेशमा में गूंजा हरियाली का संदेश, 1001 आंवले के पौधे लगाए और बांटे*

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*नांदेशमा में गूंजा हरियाली का संदेश, 1001 आंवले के पौधे लगाए और बांटे*

“एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ग्रामीणों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प”
कांतिलाल मांडोत
गोगुन्दा 18 अगस्त 26
नांदेशमा पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और भावी पीढ़ी को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नांदेशमा में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के नेतृत्व में पौधरोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत गांव में बड़े पैमाने पर आंवले के पौधे लगाए गए तथा ग्रामीणों को निःशुल्क पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम समाजसेवी रमेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान नांदेशमा स्थित प्रसिद्ध खाखरा माताजी मंदिर परिसर सहित पूरे गांव में कुल 1001 आंवले के पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही ‘एक परिवार-एक पौधा’ संकल्प के तहत ग्रामीणों को निःशुल्क आंवले के पौधे वितरित किए गए। आयोजन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और गांव में अधिक से अधिक हरियाली विकसित करना रहा। पौधा वितरण के माध्यम से ग्रामीणों को अपने घर, खेत और आसपास के स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

समाजसेवी रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। इसी भावना के साथ नांदेशमा में हर वर्ष पौधरोपण एवं पौधा वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। ग्रामीणों से पौधों को संरक्षित करने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीणों को आंवले के पौधे के महत्व और उसके औषधीय गुणों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि आंवला भारतीय परंपरा में महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। ग्रामीणों को आंवले के संरक्षण, उपयोग और इसके पौधों को अधिक संख्या में लगाने के लिए जागरूक किया गया। आयोजकों ने कहा कि आंवले जैसे उपयोगी पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

पौधरोपण कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधरोपण किया और लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा गांव को हरा-भरा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही।
इस अवसर पर प्रवीण पालीवाल, डॉक्टर राम लाल सुथार, लहरी लाल चतरावत, हरीश मिश्रा, रमेश नागदा, रूप लाल सुथार, रवि शंकर पालीवाल सहित अनेक ग्रामीण एवं महिला सदस्य मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया।
आर्ट ऑफ लिविंग परिवार की ओर से आयोजित इस अभियान ने नांदेशमा में पर्यावरण संरक्षण का संदेश मजबूत किया। 1001 आंवले के पौधों के रोपण और निःशुल्क वितरण के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति से जुड़ने तथा हरियाली बढ़ाने की प्रेरणा मिली। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि सामूहिक प्रयासों से गांवों को अधिक हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।

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