*भारतीय संस्कृति की जो धारा सिंध एवं गंगा के तटो पर पनपी,वह आज भी अपना परचम लहरा रही है-जिनेन्द्रमुनि मसा*...
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*मौन मनुष्य की सर्वप्रियता का अचूक साधन है-जिनेन्द्रमुनि मसा* कांतिलाल मांडोत गोगुन्दा 16 सितंबर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावकसंघ महावीर...
*गोगुन्दा में गणपति बप्पा के विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब* कांतिलाल मांडोत गोगुन्दा 16 सितंबर क्षेत्र में दस दिनों के चले...
*अहिंसा और अनेकांतवाद जैन दर्शन के प्राणभुत तत्व है-जिनेन्द्रमुनि मसा* कांतिलाल मांडोत गोगुन्दा 15 सितंबर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावकसंघ...
*जहां कुटिलता है,वहां धर्म के बीज अंकुरित हो ही नही सकते-जिनेन्द्रमुनि मसा* कांतिलाल मांडोत गोगुन्दा 14 अगस्त श्री वर्धमान स्थानकवासी...
*झलझुलनी एकादशी पर गोगुन्दा में ठाकुरजी भ्रमण पर निकले,फूलों की टोकरी पर विराजमान प्रभु को पालकियों से गांवो में मार्गो...
*अच्छाई कमजोर पड़ सकती है,मगर पराभूत नही होती-जिनेन्द्रमुनि मसा* कांतिलाल मांडोत गोगुन्दा 13 अगस्त श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावकसंघ महावीर...
*फतहसागर झील के लबालब होने की खुशी मे नोका विहार करते हुए सुंदरकांड पाठ का आयोजन* कांतिलाल मांडोत उदयपुर 13...
*मानव का जीवन आपसी सहयोग एवं सेवा पर टिका है-जिनेन्द्रमुनि मसा* कान्तिलाल मांडोत गोगुन्दा 12 अगस्त मनुष्य एक सामाजिक प्राणी...
*जिसके जीवन मे धर्म साधना की सुवास है,वही जीवन सफलता की कसौटी पर खरा उतरता है-जिनेन्द्रमुनि मसा* गोगुन्दा 11 अगस्त...







